

घर की याद कक्षा 11 की NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक आरोह भाग-1 में संकलित भवानी प्रसाद मिश्र की एक मार्मिक कविता है। इस कविता में कवि ने घर से दूर रहने की पीड़ा, परिवार के प्रति गहरे लगाव और स्मृतियों में बसे घर के भावनात्मक संसार का संवेदनशील चित्रण किया है। जेल-प्रवास के दौरान कवि अपने माता-पिता, भाई-बहनों और घर के आत्मीय वातावरण को याद करते हुए घर के वास्तविक महत्व को व्यक्त करते हैं।
यह पाठ कविता अध्ययन, काव्य विश्लेषण, वर्कशीट, फ्लैशकार्ड, क्विज़ और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से समझा जा सकता है। विद्यार्थी कविता में व्यक्त घर से बिछोह, पारिवारिक प्रेम, स्मृतियों और भावनात्मक संबंधों का अध्ययन करते हैं। इसका प्रारूप भावप्रधान कविता है तथा कठिनाई स्तर मध्यम है। कविता पाठकों को परिवार, अपनापन और मानवीय संबंधों के महत्व का अनुभव कराती है।
इस अध्याय के अध्ययन से विद्यार्थियों में Reading Skill, Emotional Awareness, Understanding Skill, Observation Skill, Critical Thinking, Analytical Thinking तथा Communication Skill का विकास होता है। वे परिवार के महत्व, भावनात्मक जुड़ाव, स्मृतियों की शक्ति और मानवीय संवेदनाओं को बेहतर ढंग से समझते हैं। यह सामग्री घर की याद सारांश, भवानी प्रसाद मिश्र की कविता, परिवार, मातृ प्रेम, घर से बिछोह, और हिंदी कविता अध्ययन जैसे महत्वपूर्ण अध्ययन विषयों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है।