

चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती कक्षा 11 की NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक आरोह भाग-1 में संकलित त्रिलोचन की एक प्रसिद्ध कविता है। इस कविता में कवि ने ग्रामीण जीवन, स्त्री शिक्षा, अशिक्षा और आर्थिक विवशताओं से जुड़े सामाजिक यथार्थ को अत्यंत सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। कविता की मुख्य पात्र चंपा एक ग्रामीण लड़की है जो पढ़-लिख नहीं सकती, लेकिन उसके विचारों और भावनाओं के माध्यम से समाज की अनेक समस्याएँ उजागर होती हैं।
यह पाठ कविता अध्ययन, काव्य विश्लेषण, वर्कशीट, फ्लैशकार्ड, क्विज़ और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से समझा जा सकता है। विद्यार्थी चंपा के चरित्र, ग्रामीण परिवेश, शिक्षा के महत्व, प्रवासी जीवन की कठिनाइयों और सामाजिक विषमताओं का अध्ययन करते हैं। इसका प्रारूप संवादात्मक एवं यथार्थवादी कविता का है तथा कठिनाई स्तर मध्यम है। कविता सहज भाषा के माध्यम से गहरे सामाजिक प्रश्नों को सामने लाती है।
इस अध्याय के अध्ययन से विद्यार्थियों में Reading Skill, Critical Thinking, Analytical Thinking, Understanding Skill, Observation Skill, Communication Skill तथा Civic Literacy का विकास होता है। वे शिक्षा के महत्व, महिलाओं की स्थिति, सामाजिक समानता और मानवीय संबंधों को बेहतर ढंग से समझते हैं। यह सामग्री चंपा काले काले अच्छर नहीं चीन्हती सारांश, त्रिलोचन की कविता, स्त्री शिक्षा, ग्रामीण जीवन, अशिक्षा, प्रवासी मजदूर, और हिंदी कविता अध्ययन जैसे महत्वपूर्ण अध्ययन विषयों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है।