
हिदी ने जिनकी जिदगी बदल दी

हिंदी ने जिनकी जिंदगी बदल दी कक्षा 8 हिंदी की एनसीईआरटी दुर्वा भाग–3 का एक प्रेरणादायक साक्षात्कार है, जिसमें हंगरी की प्रसिद्ध हिंदी विदुषी डॉ. मारिया नेज्येशी के जीवन और हिंदी भाषा के प्रति उनके समर्पण का परिचय मिलता है। अनेक भाषाओं का अध्ययन करने के बाद उन्होंने हिंदी को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। हिंदी के माध्यम से उन्हें भारत, भारतीय संस्कृति और विश्वभर में सम्मान प्राप्त हुआ। उन्होंने हिंदी और हंगेरियन भाषाओं के बीच अनेक महत्वपूर्ण अनुवाद किए तथा विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान दिया।
इस पाठ में डॉ. मारिया नेज्येशी अपने भारत-प्रेम, भारतीय संस्कृति, साहित्य, भोजन, परिधान और मानवीय संबंधों के प्रति सम्मान को व्यक्त करती हैं। वे बताती हैं कि हिंदी ने न केवल उनके करियर को नई दिशा दी, बल्कि उनके जीवन को नए अनुभवों, नए संबंधों और वैश्विक पहचान से भी समृद्ध बनाया। साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विविधता और आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा करती हैं।
यह पाठ विद्यार्थियों में भाषा के प्रति सम्मान, सांस्कृतिक जागरूकता, वैश्विक दृष्टिकोण, संवाद कौशल, पर्यावरण चेतना, प्रेरणा, आत्मविश्वास, विविधता का सम्मान, सीखने की जिज्ञासा और मानवीय मूल्यों का विकास करता है। यह संदेश देता है कि कोई भी भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह जीवन बदलने वाली नई संभावनाओं का द्वार भी बन सकती है।









