

विश्वेश्वरैया कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक का प्रेरणादायक पाठ है। इसमें महान अभियंता सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के बचपन, उनकी जिज्ञासु प्रवृत्ति, कठिन परिश्रम, आत्मनिर्भरता और ज्ञान प्राप्त करने की निरंतर इच्छा का प्रेरक वर्णन किया गया है। यह पाठ बच्चों को प्रकृति से सीखने, प्रश्न पूछने और समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है।
इस पाठ के माध्यम से बच्चे समझते हैं कि सफलता का आधार निरंतर सीखना, जिज्ञासा, अनुशासन, परिश्रम और आत्मविश्वास है। वे सीखते हैं कि प्रत्येक समस्या का समाधान खोजने की सोच, शिक्षा के प्रति समर्पण और समाज के प्रति जिम्मेदारी जीवन में महान उपलब्धियाँ प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करती है।
यह पाठ बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच, अवलोकन क्षमता, समस्या-समाधान कौशल, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों का विकास करता है। साथ ही यह विश्वेश्वरैया, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया, जिज्ञासा, आत्मनिर्भरता, वैज्ञानिक सोच और प्रेरणादायक व्यक्तित्व जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।