

हम धरती के लाल कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक की प्रेरणादायक कविता है। इसमें कवि ने बच्चों को देशप्रेम, मानवता, समानता, परिश्रम और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संदेश दिया है। कविता एक ऐसे नए संसार की कल्पना करती है जहाँ सभी लोग मिलकर सुख, शांति और प्रगति का वातावरण बनाएँ।
इस कविता के माध्यम से बच्चे सीखते हैं कि समाज की उन्नति के लिए एकता, सहयोग, परिश्रम और सकारात्मक सोच आवश्यक है। वे समझते हैं कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने देश, समाज और मानवता के विकास में योगदान दे तथा बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास करे।
यह कविता बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच, देशप्रेम, सामाजिक जागरूकता, रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों का विकास करती है। साथ ही यह हम धरती के लाल, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, देशप्रेम, मानवता, एकता, समानता और प्रेरणादायक कविता जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।