

काबुलीवाला कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक का अत्यंत भावपूर्ण पाठ है। यह रवीन्द्रनाथ ठाकुर की प्रसिद्ध कहानी पर आधारित है, जिसमें काबुल से आए रहमत और छोटी बच्ची मिनी के बीच बने स्नेहपूर्ण संबंध के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, अपनापन और पिता-पुत्री के अटूट रिश्ते को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इस पाठ के माध्यम से बच्चे समझते हैं कि सच्चा प्रेम, अपनापन और मानवीय भावनाएँ भाषा, देश और संस्कृति की सीमाओं से कहीं बड़ी होती हैं। वे सीखते हैं कि हर व्यक्ति के जीवन में परिवार, रिश्तों, विश्वास, सहानुभूति और करुणा का विशेष महत्व होता है तथा दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
यह पाठ बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच, भावनात्मक संवेदनशीलता, सहानुभूति, सांस्कृतिक जागरूकता और नैतिक मूल्यों का विकास करता है। साथ ही यह काबुलीवाला, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, मिनी, मानवीय संवेदनाएँ, पिता-पुत्री का संबंध और भारतीय साहित्य जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।