

संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाज हो गया : धनराज कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी वसंत भाग–2 पुस्तक का प्रेरणादायक साक्षात्कार है। इसमें प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी धनराज पिल्लै अपने संघर्षपूर्ण बचपन, खेल जीवन, सफलता, परिवार, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को सरल शब्दों में साझा करते हैं। यह पाठ बच्चों को कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर प्रयास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
इस पाठ के माध्यम से बच्चे धनराज पिल्लै के जीवन-संघर्ष, हॉकी के प्रति समर्पण, पारिवारिक मूल्यों, विनम्रता, आत्मविश्वास और सफलता की यात्रा को समझते हैं। वे साक्षात्कार की शैली, प्रश्न–उत्तर की प्रस्तुति तथा वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से यह सीखते हैं कि मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच से बड़ी से बड़ी चुनौतियों पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
यह पाठ बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, आलोचनात्मक सोच, संवाद कौशल, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास करता है। साथ ही यह संघर्ष के कारण मैं तुनुकमिज़ाज हो गया, कक्षा 7 हिंदी, वसंत भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, धनराज पिल्लै, हॉकी, प्रेरणादायक साक्षात्कार, जीवन-संघर्ष, सफलता और प्रेरक व्यक्तित्व जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों की भाषा तथा जीवन-दृष्टि को समृद्ध बनाता है।