

नाना साहब की पुत्री, देवी मैना को भस्म कर दिया गया कक्षा 9 हिंदी की एनसीईआरटी क्षितिज भाग–1 पुस्तक में संकलित चपला देवी की प्रेरक ऐतिहासिक रचना है। इस पाठ में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बालिका मैना के अद्भुत साहस, देशभक्ति, आत्मसम्मान और बलिदान का मार्मिक चित्रण किया गया है।
इस अध्याय में विद्यार्थी स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक घटनाओं, देशप्रेम, त्याग, वीरता तथा मानवीय मूल्यों को समझते हैं। लेखिका ने बालिका मैना के अटूट साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया है, जिससे पाठकों में राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यबोध की भावना जागृत होती है।
यह पाठ विद्यार्थियों में देशभक्ति, साहस, नैतिक मूल्यों और ऐतिहासिक चेतना का विकास करता है। साथ ही यह हिंदी भाषा, साहित्यिक समझ और राष्ट्रीय मूल्यों को समृद्ध बनाते हुए विद्यार्थियों को कक्षा 9 हिंदी, एनसीईआरटी तथा विद्यालयी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी में सहायता करता है।