
मैं और मेरा देश

‘मैं और मेरा देश’ कक्षा 9 की NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक गंगा में शामिल कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ द्वारा रचित एक प्रेरणादायक निबंध है। इस निबंध में लेखक ने व्यक्ति और राष्ट्र के बीच के अटूट संबंध को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। लेखक का मानना है कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके परिवार, पड़ोस या नगर से नहीं, बल्कि उसके देश से भी जुड़ी होती है। इसलिए नागरिक का सम्मान और देश का सम्मान एक-दूसरे के पूरक हैं।
इस पाठ में अनेक प्रेरक प्रसंगों और उदाहरणों के माध्यम से बताया गया है कि प्रत्येक नागरिक अपने व्यवहार, कार्यों और विचारों से राष्ट्र की प्रतिष्ठा को बढ़ा या घटा सकता है। लेखक ने लाला लाजपत राय, स्वामी रामतीर्थ, जापानी युवकों तथा अन्य प्रेरणादायक घटनाओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध, आत्मसम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व स्पष्ट किया है। साथ ही नागरिक अधिकारों, मतदान के महत्व, राष्ट्रीय गौरव तथा देश के शक्ति-बोध और सौंदर्य-बोध को बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया है।
यह अध्याय विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों, नागरिक उत्तरदायित्व और लोकतांत्रिक सोच का विकास करता है। अध्याय के अध्ययन से छात्र यह समझते हैं कि राष्ट्र की उन्नति केवल बड़े नेताओं, वैज्ञानिकों या धनवान व्यक्तियों से नहीं, बल्कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक के सकारात्मक योगदान से संभव होती है। यह संसाधन अध्याय की मुख्य अवधारणाओं, महत्वपूर्ण प्रसंगों, संदेशों और परीक्षा की तैयारी को सरल एवं प्रभावी बनाने में सहायक है।









