
पापा खो गए नाटक

पापा खो गए कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी वसंत भाग–2 पुस्तक का एक रोचक और संवेदनशील नाटक है। इसमें एक छोटी बच्ची के खो जाने की घटना के माध्यम से मानवीय संवेदनाओं, सजगता, सहयोग, साहस और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावशाली चित्रण किया गया है। पेड़, बिजली का खंभा, लेटरबॉक्स और कौआ जैसे निर्जीव एवं जीव पात्रों के माध्यम से लेखक ने कल्पना और यथार्थ का सुंदर मेल प्रस्तुत किया है।
इस नाटक के माध्यम से बच्चे संवेदनशीलता, दूसरों की सहायता करने की भावना, सतर्क रहने का महत्व, बच्चों की सुरक्षा तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं। वे संवाद शैली, नाटकीय प्रस्तुति, पात्रों के स्वभाव और कल्पनाशील अभिव्यक्ति का आनंद लेते हुए सहयोग, करुणा, साहस और मानवता जैसे जीवन मूल्यों को सहज रूप से सीखते हैं।
यह नाटक बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, अवलोकन शक्ति, रचनात्मक सोच और प्रभावी संप्रेषण कौशल का विकास करता है। साथ ही यह पापा खो गए, कक्षा 7 हिंदी, वसंत भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, नाटक, बाल सुरक्षा, मानवीय संवेदनाएँ, सहयोग, सामाजिक जिम्मेदारी और कल्पनाशील साहित्य जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों की भाषा तथा व्यक्तित्व विकास को समृद्ध बनाता है।









