

औरै भाँति कुंजन में गुंजरत कक्षा 11 की NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक अंतरा भाग-1 में संकलित पद्माकर के प्रसिद्ध कवित्त हैं। इन कविताओं में कवि ने वसंत और सावन ऋतु के सौंदर्य, प्रकृति के परिवर्तन, कृष्ण प्रेम तथा गोपियों की भावनाओं का अत्यंत आकर्षक चित्रण किया है। वसंत के आगमन से प्रकृति में आए उल्लास, कृष्ण के प्रति गोपियों के प्रेम तथा वर्षा ऋतु की रमणीयता को कवि ने सजीव और चित्रात्मक शैली में प्रस्तुत किया है।
यह पाठ कविता अध्ययन, काव्य विश्लेषण, वर्कशीट, फ्लैशकार्ड, क्विज़ और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से समझा जा सकता है। विद्यार्थी ऋतु-वर्णन, प्रकृति चित्रण, श्रृंगार रस, कृष्ण-भक्ति तथा अलंकारों के प्रयोग का अध्ययन करते हैं। इसका प्रारूप रीतिकालीन काव्य का है तथा कठिनाई स्तर मध्यम से उन्नत है। कविता में अनुप्रास, चित्रात्मकता और भाव-सौंदर्य के माध्यम से प्रकृति और प्रेम का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
इस अध्याय के अध्ययन से विद्यार्थियों में Reading Skill, Observation Skill, Analytical Thinking, Creative Thinking, Cultural Awareness, Understanding Skill तथा Communication Skill का विकास होता है। वे प्रकृति के सौंदर्य, ऋतु परिवर्तन, प्रेम भाव और काव्य कला की विशेषताओं को समझते हैं। यह सामग्री औरै भाँति कुंजन में गुंजरत सारांश, पद्माकर के कवित्त, वसंत ऋतु वर्णन, सावन ऋतु, कृष्ण प्रेम, रीतिकालीन हिंदी कविता, और श्रृंगार रस जैसे महत्वपूर्ण अध्ययन विषयों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है।