
देवी पार्वती एक मोर से उसका एक पंख माँगती हैं। क्या मोर यह अनुरोध स्वीकार करेगा? उसकी विनम्र और मधुर प्रतिक्रिया देवी को बहुत प्रसन्न करती है, और उसी के फलस्वरूप वह देवी पार्वती और भगवान कार्तिकेय का दिव्य वाहन बन जाता है।
यह कहानी बच्चों को दया, विनम्रता और सरलता की शक्ति सिखाती है।