

नृत्यांगना सुधा चंद्रन कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक का प्रेरणादायक पाठ है। इसमें प्रसिद्ध नृत्यांगना सुधा चंद्रन के संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम की प्रेरक जीवन-यात्रा का वर्णन है। यह पाठ बच्चों को विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देता है।
इस पाठ के माध्यम से बच्चे जानते हैं कि एक दुर्घटना में पैर खो देने के बाद भी सुधा चंद्रन ने कृत्रिम पैर की सहायता से फिर से नृत्य सीखा और अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त की। वे सीखते हैं कि आत्मविश्वास, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से कठिन से कठिन चुनौती पर भी विजय पाई जा सकती है।
यह पाठ बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, आत्मविश्वास, धैर्य, संघर्षशीलता, सकारात्मक सोच और प्रेरणादायक दृष्टिकोण का विकास करता है। साथ ही यह नृत्यांगना सुधा चंद्रन, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, प्रेरक जीवनी, संघर्ष, दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और सफलता जैसे विषयों को सरल और प्रेरक ढंग से प्रस्तुत करता है।