

पानी और धूप कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक की कल्पनाशील कविता है। इसमें एक बालिका वर्षा, धूप, बादल और बिजली को मानवीय रूप देकर उनसे जुड़े रोचक प्रश्न पूछती है। यह कविता बच्चों की जिज्ञासा, कल्पना और प्रकृति के प्रति आकर्षण को सुंदर ढंग से प्रस्तुत करती है।
इस कविता के माध्यम से बच्चे प्रकृति की घटनाओं को कल्पनाशील दृष्टि से देखना सीखते हैं। वे समझते हैं कि प्रश्न पूछना, कल्पना करना और अपने विचारों को अभिव्यक्त करना सीखने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे रचनात्मक सोच और भाषा कौशल का विकास होता है।
यह कविता बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, कल्पनाशक्ति, अवलोकन कौशल, रचनात्मक सोच, आलोचनात्मक सोच और भाषा विकास को बढ़ावा देती है। साथ ही यह पानी और धूप, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, प्रकृति, वर्षा, कल्पनाशील कविता, बाल मन और रचनात्मक अभिव्यक्ति जैसे विषयों को सरल और रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है।