

बच्चों के प्रिय केशव शंकर पिल्लै कक्षा 8 हिंदी की एनसीईआरटी दुर्वा भाग–3 का एक प्रेरक जीवनी-आधारित पाठ है। इसमें प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट केशव शंकर पिल्लै (शंकर) के जीवन, उनके बाल-प्रेम और बच्चों के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों का परिचय दिया गया है। उन्होंने केवल उत्कृष्ट राजनीतिक कार्टून ही नहीं बनाए, बल्कि बच्चों की प्रतिभा को विकसित करने के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिताएँ, बाल पुस्तकों का प्रकाशन, चिल्ड्रन्स बुक ट्रस्ट तथा विश्व-प्रसिद्ध गुड़ियाघर (Dolls Museum) की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए।
यह अध्याय बताता है कि केशव शंकर पिल्लै का उद्देश्य दुनिया भर के बच्चों को कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से जोड़ना था। उन्होंने विभिन्न देशों की सुंदर गुड़ियों का संग्रह कर बच्चों को विश्व की विविध संस्कृतियों, वेशभूषाओं और परंपराओं से परिचित कराया। साथ ही, उन्होंने बच्चों की कल्पनाशक्ति, चित्रकला और लेखन प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक अवसर उपलब्ध कराए।
यह पाठ विद्यार्थियों में पठन कौशल, जीवनी की समझ, रचनात्मक सोच, कला के प्रति रुचि, सांस्कृतिक जागरूकता, सामान्य ज्ञान, नैतिक मूल्यों, अवलोकन क्षमता, संचार कौशल तथा प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से सीखने की भावना का विकास करता है। यह अध्याय कक्षा 8 हिंदी, एनसीईआरटी तथा विद्यालयी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।