
नारद मुनि भगवान विष्णु के सबसे बड़े भक्त को खोजने के लिए यात्रा पर निकलते हैं। दूर-दूर तक खोजने के बाद, उन्हें एक अप्रत्याशित उत्तर मिलता है—साधारण तुलसी का पौधा। क्या उसकी सरल भक्ति भगवान विष्णु का हृदय जीतने के लिए पर्याप्त होगी?
यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि सच्ची भक्ति दिखावे या भव्य अनुष्ठानों में नहीं, बल्कि ईमानदारी और सरलता में होती है।