
राजा और मूर्ख मंत्री, एक बुद्धिमान राजा अपने मूर्ख मंत्री की परीक्षा लेने के लिए उसे सात दिनों में सोने का पुल बनाने का काम सौंपता है। मंत्री समझदारी से काम करने के बजाय सारा सोना बर्बाद कर देता है और असफल हो जाता है। अब सवाल यह है—क्या राजा उसे सज़ा देगा, या इस परीक्षा के पीछे कोई और उद्देश्य था? यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि योग्यता और ज़िम्मेदारी कितनी महत्वपूर्ण होती हैं, और यह कि शब्दों से ज़्यादा कर्म बोलते हैं।