
बिंदिया और पिंकी, दो ज़िद्दी बकरियाँ, एक संकरे पुल पर आमने-सामने आ गईं। दोनों ही कहने लगीं,
“पहले मैं जाऊँगी!”
कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। बहस और धक्का-मुक्की में संतुलन बिगड़ गया और दोनों नदी में गिर पड़ीं।
क्या वे अपनी गलती से सीख पाएँगी?
सीख:
यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि मिल-जुलकर काम करना, धैर्य रखना और एक-दूसरे को रास्ता देना ही समस्याओं से बचने का सही तरीका है।