
कुम्भकर्ण अपनी शक्ति की इच्छा में गलती कर बैठते हैं और ताकत की बजाय अनंत निद्रा का वरदान मांग लेते हैं। अब उन्हें हर छह महीने में केवल एक दिन ही जागने का अवसर मिलता है। क्या वह फिर भी अपने भाई रावण के साथ युद्ध में खड़ा हो पाएंगे?
यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि गलतियों के परिणाम गंभीर हो सकते हैं और ज्ञान व स्पष्ट संवाद कितना महत्वपूर्ण है।