
यमराज की दिशा -चंद्रकांत देवताले

यमराज की दिशा कक्षा 9 हिंदी की एनसीईआरटी क्षितिज भाग–1 पुस्तक में संकलित चंद्रकांत देवताले की संवेदनशील कविता है। इस कविता में कवि ने माँ के स्नेह, जीवन-मूल्यों और बदलते सामाजिक परिवेश के माध्यम से मनुष्य की संवेदनाओं तथा मानवीय रिश्तों का मार्मिक चित्रण किया है।
इस अध्याय में विद्यार्थी मातृ-स्नेह, पारिवारिक संस्कार, जीवन-दृष्टि, मानवीय संवेदनाओं तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों को समझते हैं। कवि ने सरल भाषा, प्रतीकों और भावपूर्ण शैली के माध्यम से जीवन के गहरे सत्य और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है।
यह पाठ विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, पारिवारिक मूल्यों, नैतिक सोच और मानवीय दृष्टिकोण का विकास करता है। साथ ही यह हिंदी भाषा, काव्य-समझ और साहित्यिक अभिरुचि को समृद्ध बनाते हुए विद्यार्थियों को कक्षा 9 हिंदी, एनसीईआरटी तथा विद्यालयी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी में सहायता करता है।