

उठ किसान ओ कक्षा 8 हिंदी की एनसीईआरटी दुर्वा भाग–3 में संकलित त्रिलोचन की प्रेरणादायक कविता है। इस कविता में कवि ने वर्षा ऋतु के आगमन, काले बादलों, शीतल पुरवाई और हरे-भरे खेतों का सुंदर चित्रण करते हुए किसान को नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपने कार्य में जुटने का संदेश दिया है। प्रकृति के मनोहारी दृश्यों के माध्यम से कविता किसान और वर्षा के गहरे संबंध को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत करती है।
इस कविता के माध्यम से विद्यार्थी वर्षा ऋतु के महत्व, खेती में प्रकृति की भूमिका तथा किसान के जीवन में बादलों और सावन के महत्व को समझते हैं। कविता यह संदेश देती है कि प्रकृति का प्रत्येक परिवर्तन आशा, नवजीवन और समृद्धि का संकेत होता है। साथ ही यह परिश्रम, आशावाद और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित करती है।
यह पाठ विद्यार्थियों में काव्य-बोध, पठन कौशल, प्रकृति-प्रेम, कल्पनाशक्ति, भाषा-कौशल, पर्यावरण जागरूकता, रचनात्मक चिंतन तथा संवेदनशीलता का विकास करता है। साथ ही यह हिंदी कविता साहित्य की विशेषताओं से परिचित कराते हुए कक्षा 8 हिंदी, एनसीईआरटी तथा विद्यालयी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी में सहायता करता है।