
हिमालय की बेटियाँ

हिमालय की बेटियाँ कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी वसंत भाग–2 पुस्तक का प्रकृति-प्रधान लेख है। इसमें लेखक नागार्जुन ने हिमालय से निकलने वाली नदियों को उसकी बेटियों के रूप में चित्रित करते हुए उनके सौंदर्य, चंचलता, जीवनदायिनी शक्ति और प्रकृति से उनके गहरे संबंध का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया है। यह लेख बच्चों को नदियों, हिमालय और प्राकृतिक धरोहर के महत्व से परिचित कराता है।
इस लेख के माध्यम से बच्चे हिमालय, गंगा, यमुना, सतलुज, सिंधु और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों के महत्व, उनके प्राकृतिक स्वरूप तथा मानव जीवन में उनके योगदान को समझते हैं। वे प्रकृति-प्रेम, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधनों के महत्व और नदियों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हुए साहित्यिक कल्पना और मानवीकरण जैसे अभिव्यक्ति के रूपों से भी परिचित होते हैं।
यह लेख बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, अवलोकन शक्ति और प्रकृति के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण का विकास करता है। साथ ही यह हिमालय की बेटियाँ, कक्षा 7 हिंदी, वसंत भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, हिमालय, नदियाँ, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन और प्राकृतिक धरोहर जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों की भाषा तथा व्यक्तित्व विकास को समृद्ध बनाता है।









