

गुब्बारे पर चीता कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक की रोचक और साहसपूर्ण कहानी है। इसमें बलदेव नाम के बालक की जिज्ञासा, साहस और सूझबूझ का रोमांचक वर्णन किया गया है। कहानी बच्चों को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और समझदारी से काम लेने की प्रेरणा देती है।
इस कहानी के माध्यम से बच्चे बलदेव के साहसिक अनुभव, सर्कस के वातावरण तथा संकट के समय सही निर्णय लेने के महत्व को समझते हैं। वे सीखते हैं कि घबराने के बजाय शांत रहकर सोच-विचार करने से कठिन समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
यह कहानी बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, कल्पनाशक्ति, अवलोकन शक्ति, आलोचनात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करती है। साथ ही यह गुब्बारे पर चीता, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, साहस, सूझबूझ, रोमांचक कहानी, सर्कस और बाल साहित्य जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों के आत्मविश्वास और विवेकपूर्ण सोच को सुदृढ़ बनाती है।