

गिल्लू कक्षा 9 हिंदी की एनसीईआरटी संचयन भाग–1 पुस्तक में संकलित महादेवी वर्मा का अत्यंत भावपूर्ण संस्मरण है। इस पाठ में लेखिका ने एक घायल गिलहरी के बच्चे गिल्लू को बचाकर उसका पालन-पोषण करने, उसके साथ बने आत्मीय संबंध और उसके स्नेहपूर्ण व्यवहार का मार्मिक चित्रण किया है। यह संस्मरण मनुष्य और पशु-पक्षियों के बीच प्रेम, विश्वास तथा संवेदनशीलता के अनमोल संबंध को सुंदर ढंग से प्रस्तुत करता है।
इस अध्याय में विद्यार्थी जीव-जंतुओं के प्रति दया, करुणा, सहानुभूति, पर्यावरण संरक्षण तथा सभी प्राणियों के प्रति सम्मान की भावना का महत्व समझते हैं। गिल्लू और लेखिका के बीच विकसित आत्मीय संबंध यह संदेश देते हैं कि प्रेम, देखभाल और अपनापन केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रत्येक जीव के साथ साझा किया जा सकता है।
यह पाठ विद्यार्थियों में मानवीय संवेदनशीलता, करुणा, पर्यावरण चेतना, जिम्मेदारी और साहित्यिक समझ का विकास करता है। साथ ही यह हिंदी भाषा, गद्य-बोध और संस्मरण साहित्य की समझ को समृद्ध बनाते हुए विद्यार्थियों को कक्षा 9 हिंदी, एनसीईआरटी तथा विद्यालयी परीक्षाओं की प्रभावी तैयारी में सहायता करता है।