

चूहो! म्याऊँ सो रही है कक्षा 1 हिंदी की एनसीईआरटी रिमझिम-1 पुस्तक का आठवाँ पाठ है। यह एक सरल, रोचक और हास्यपूर्ण कविता है जिसमें चूहों की शरारतें और बिल्ली के सो जाने के बाद उनका निडर व्यवहार मज़ेदार ढंग से प्रस्तुत किया गया है। कविता की सहज भाषा, लयात्मक तुकबंदी और मनोरंजक घटनाएँ छोटे बच्चों को आनंदपूर्वक हिंदी सीखने तथा कल्पना की दुनिया से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं।
इस कविता के माध्यम से बच्चे नए शब्दों का सही उच्चारण, तुकबंदी, लय और कविता-पाठ का अभ्यास करते हैं। वे चूहा, बिल्ली और घर से जुड़ी दैनिक जीवन की वस्तुओं को पहचानते हुए भाषा की समझ विकसित करते हैं। यह पाठ बच्चों की सुनने, बोलने, पढ़ने और याद रखने की क्षमता को बढ़ाता है तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ कविता पढ़ने और सुनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
यह पाठ बच्चों में पठन कौशल, शब्दावली, भाषा विकास, श्रवण कौशल, बोलने का आत्मविश्वास, स्मरण शक्ति, अवलोकन क्षमता तथा कल्पनाशक्ति का विकास करता है। साथ ही यह चूहो! म्याऊँ सो रही है, कक्षा 1 हिंदी, रिमझिम-1, एनसीईआरटी कविता, प्राथमिक हिंदी पाठ तथा विद्यालयी अध्ययन के लिए उपयोगी सीख प्रदान करते हुए बच्चों की भाषा, रचनात्मक सोच और अभिव्यक्ति को सशक्त बनाता है।