

चिड़िया और चुरुंगुन कक्षा 7 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग–2 पुस्तक की सुंदर बाल कविता है। इसमें एक नन्हे चुरुंगुन की जिज्ञासा, सीखने की उत्सुकता और उड़ना सीखने की यात्रा का मनोहारी चित्रण किया गया है। यह कविता बच्चों को धैर्य, आत्मविश्वास, प्रकृति-प्रेम और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा देती है।
इस कविता के माध्यम से बच्चे चुरुंगुन और उसकी माँ के संवाद, प्रकृति के सुंदर दृश्यों तथा छोटे-छोटे अनुभवों से सीखने की प्रक्रिया को समझते हैं। वे पेड़-पौधों, पक्षियों और प्राकृतिक वातावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हुए जिज्ञासा, साहस और आत्मनिर्भर बनने का महत्व सीखते हैं।
यह कविता बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, अवलोकन शक्ति, रचनात्मक सोच और कल्पनाशक्ति का विकास करती है। साथ ही यह चिड़िया और चुरुंगुन, कक्षा 7 हिंदी, दूर्वा भाग–2, एनसीईआरटी हिंदी, बाल कविता, प्रकृति, पक्षी, जिज्ञासा, आत्मविश्वास और प्रकृति-प्रेम जैसे विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों की भाषा तथा व्यक्तित्व विकास को समृद्ध बनाती है।