

आवारा मसीहा कक्षा 11 की NCERT हिंदी पाठ्यपुस्तक अंतराल में संकलित विष्णु प्रभाकर की प्रसिद्ध जीवनीपरक रचना है। यह पाठ महान बंगाली साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन, संघर्ष, साहित्यिक योगदान और मानवीय संवेदनाओं का परिचय कराता है। लेखक ने शरतचंद्र के व्यक्तित्व के उन पहलुओं को उजागर किया है जिन्होंने उन्हें जनसाधारण का प्रिय साहित्यकार बनाया। यह रचना उनके जीवन के अनुभवों, सामाजिक सरोकारों और साहित्यिक दृष्टिकोण को समझने का अवसर प्रदान करती है।
यह पाठ जीवनी अध्ययन, वर्कशीट, फ्लैशकार्ड, क्विज़ और साहित्यिक विश्लेषण गतिविधियों के माध्यम से समझा जा सकता है। विद्यार्थी शरतचंद्र के जीवन-संघर्ष, साहित्य सृजन, सामाजिक दृष्टि और उनके प्रमुख विचारों का अध्ययन करते हैं। इसका प्रारूप जीवनीपरक गद्य पाठ का है तथा कठिनाई स्तर मध्यम है। यह पाठ साहित्यकार के जीवन और उसकी रचनात्मक प्रक्रिया को समझने में सहायता करता है।
इस अध्याय के अध्ययन से विद्यार्थियों में Reading Skill, Critical Thinking, Analytical Thinking, Research Skill, Understanding Skill, Communication Skill तथा Cultural Awareness का विकास होता है। वे साहित्य, समाज, मानवीय संवेदनाओं और रचनात्मक अभिव्यक्ति के महत्व को समझते हैं। यह सामग्री आवारा मसीहा सारांश, शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, विष्णु प्रभाकर, जीवनी, बंगला साहित्य, साहित्यकार का जीवन, और हिंदी गद्य अध्ययन जैसे महत्वपूर्ण अध्ययन विषयों को समझने के लिए अत्यंत उपयोगी है।