

अंगुलिमाल कक्षा 6 हिंदी की एनसीईआरटी दूर्वा भाग-1 पुस्तक का एक प्रेरणादायक जीवन-प्रसंग है। इसमें भगवान बुद्ध और डाकू अंगुलिमाल की प्रसिद्ध घटना के माध्यम से करुणा, अहिंसा, धैर्य और आत्मपरिवर्तन का संदेश दिया गया है। यह पाठ बताता है कि प्रेम, सहानुभूति और सही मार्गदर्शन से सबसे कठोर व्यक्ति के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
इस प्रेरक पाठ के माध्यम से बच्चे भगवान बुद्ध के शांत स्वभाव, धैर्य और करुणा के महत्व तथा अंगुलिमाल के जीवन में आए परिवर्तन को समझते हैं। वे पाठ का अध्ययन करके, घटनाओं का विश्लेषण करके, प्रश्नों के उत्तर देकर, पात्रों के व्यवहार पर विचार करके तथा नैतिक मूल्यों को अपने जीवन से जोड़कर सक्रिय रूप से सीखते हैं। यह पाठ बच्चों में सहानुभूति, आत्मचिंतन, नैतिक मूल्यों, आत्मसंयम, सकारात्मक सोच और सही निर्णय लेने की क्षमता का विकास करता है।
यह प्रेरक पाठ बच्चों में पठन कौशल, समझने की क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल, शब्द भंडार, तार्किक सोच और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है। साथ ही यह अंगुलिमाल, कक्षा 6 हिंदी, दूर्वा भाग-1, एनसीईआरटी हिंदी पाठ, भगवान बुद्ध, करुणा, अहिंसा, आत्मपरिवर्तन, क्षमा, नैतिक शिक्षा और मानवीय मूल्य जैसे विषयों को सरल, प्रेरणादायक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करते हुए बच्चों की भाषा, सोच और व्यक्तित्व विकास को समृद्ध बनाता है।