
शेख चिल्ली अपने थके हुए गधे की मदद करने के लिए खुद आधा बोझ उठाने का फैसला करता है, लेकिन वह गधे पर बैठे-बैठे ही ऐसा करता है। क्या उसे अपनी इस कोशिश की मज़ेदार बात समझ आएगी?
यह मज़ेदार कहानी बच्चों को दया-भावना और समस्याओं को अलग-अलग नज़रिए से देखने की सीख देती है।