
एक छोटी-सी इल्ली तितलियों को आसमान में उड़ते देखती थी और मन ही मन बहुत उदास हो जाती थी। वह भी उनकी तरह उड़ना चाहती थी, रंग-बिरंगे पंख फैलाकर हवा में लहराना चाहती थी। लेकिन जब वह अपने छोटे से शरीर को देखती, तो निराश हो जाती।
वह बार-बार कोशिश करती, पर उड़ नहीं पाती। तब एक बूढ़ी तितली उसे समझाती है कि हर चीज़ का एक सही समय होता है और धैर्य ही सफलता की कुंजी है। इल्ली मन को शांत करके इंतज़ार करने का फैसला करती है।
समय बीतता है, इल्ली अपने कोकून में चली जाती है। कुछ समय बाद, वह एक सुंदर तितली बनकर बाहर निकलती है और आखिरकार उड़ पाती है।
तब उसे समझ आता है कि धैर्य और निरंतर प्रयास से ही सपने सच होते हैं। यह कहानी बच्चों को सिखाती है कि अच्छे और सुंदर परिणाम पाने के लिए धैर्य और लगन बहुत ज़रूरी है।